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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से सरकारी बांडों की पैदावार 2.5 साल के शिखर पर

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और रुपये के कमजोर होने से भारतीय बांड बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। 10 साल के बेंचमार्क सरकारी बांड की पैदावार 6 आधार अंक बढ़कर 7.19 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

LSN India · 28 September 2026

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से सरकारी बांडों की पैदावार 2.5 साल के शिखर पर

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बढ़ोतरी और भारतीय रुपये के मूल्य में गिरावट के कारण देश के सरकारी बांड बाजार में उथल-पुथल देखी जा रही है। 10 साल की परिपक्वता अवधि वाले बेंचमार्क सरकारी बांड की पैदावार में 6 आधार अंकों की वृद्धि होकर यह 7.19 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है, जो पिछले 2.5 वर्षों का उच्चतम स्तर है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आयात बिलों को बढ़ा रही है, जिससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ रहा है। इसी के साथ रुपये का मूल्य कमजोर हो रहा है और यह 96 रुपये प्रति अमेरिकी डॉलर के निकट आ गया है। ये दोनों कारक मिलकर बांड बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं।

विश्लेषकों के अनुसार, बढ़ती मुद्रास्फीति के दबाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर की स्थिति के बीच भारतीय बांड बाजार चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है। ये परिस्थितियां केंद्रीय बैंक की नीति दर निर्धारण की रणनीति को भी प्रभावित कर सकती हैं।

वर्तमान परिदृश्य में बांड निवेशकों के लिए उच्च पैदावार सुযोग प्रदान करते हुए जोखिम भी बढ़ा रहा है। बाजार के विशेषज्ञ आने वाले हफ्तों में वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों और भारतीय रुपये के प्रदर्शन पर ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं।