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राहुल की यूपीआई शुल्क आलोचना पर सवाल, सरकार का दावा
सरकारी अधिकारी ने राहुल गांधी से पूछा कि वह उसी नीति का विरोध क्यों कर रहे हैं जिसे कांग्रेस के अपने सांसद, भूतपूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और पूर्व यूपीए मंत्री मनीष तेवारी ने संसदीय पैनल में समर्थन दिया था।
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राहुल गांधी की यूपीआई शुल्क लागू करने की आलोचना को लेकर सरकार ने सवाल उठाया है। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कांग्रेस नेता उस मुद्दे पर अपनी पार्टी के ही सांसदों से भिन्न रुख अपना रहे हैं।
अधिकारी के अनुसार, कांग्रेस के भूतपूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और पूर्व यूपीए सरकार के मंत्री मनीष तेवारी ने संसदीय पैनल के भीतर यूपीआई शुल्क के प्रस्ताव का समर्थन किया था। यह विरोधाभास इस बात को रेखांकित करता है कि पार्टी के नेतृत्व और उसके संसदीय सदस्यों के बीच इस मसले पर मतभेद है।
सरकार का तर्क है कि राहुल गांधी को अपनी ही पार्टी के सांसदों की स्थिति को स्पष्ट करना चाहिए। अधिकारी ने इसे कांग्रेस की आंतरिक समन्वय की कमी का सूचक बताया है।
यह विवाद उस समय सामने आया है जब सरकार की डिजिटल भुगतान नीति को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों में बहस चल रही है। कांग्रेस पार्टी के सांसद इन शुल्कों को वित्तीय समावेशन में बाधक मानते हैं, जबकि सरकार का कहना है कि ये डिजिटल भुगतान प्रणाली को टिकाऊ बनाने के लिए आवश्यक हैं।