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NEET विरोध प्रदर्शकों के बायोमेट्रिक डेटा को आपराधिक डेटाबेस में डालने के दावों को सरकार ने खारिज किया
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो ने कहा है कि गोपनीयता,言론 स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के आरोपों के लिए ठोस तथ्यात्मक आधार होना जरूरी है।
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सरकार ने नीट-यूजी परीक्षा के विरोध में सड़कों पर उतरे प्रदर्शकारियों के बायोमेट्रिक डेटा को आपराधिक डेटाबेस में दर्ज करने के व्यापक आरोपों को खारिज कर दिया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) का कहना है कि इस तरह के गंभीर आरोपों को तथ्यात्मक साक्ष्य पर आधारित होना चाहिए।
एनसीआरबी ने स्पष्ट किया है कि गोपनीयता के अधिकार, भाषण की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी से संबंधित कोई भी दावा ठोस और प्रमाणित तथ्यों पर आधारित होना चाहिए। यह एक महत्वपूर्ण वक्तव्य है क्योंकि भारतीय मौलिक अधिकार नागरिकों को व्यक्तिगत स्वतंत्रता और गोपनीयता की सुरक्षा प्रदान करते हैं।
नीट-यूजी प्रवेश परीक्षा को लेकर देशभर में प्रदर्शन हुए हैं, जिसमें कई विद्यार्थियों ने परीक्षा की प्रक्रिया और परिणामों पर सवाल उठाए हैं। इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई अफवाहें फैली थीं, जिनमें प्रदर्शकारियों के आंकड़ों के दुरुपयोग से जुड़े दावे भी शामिल थे।
सरकारी एजेंसियों द्वारा जारी इस स्पष्टीकरण से यह संकेत मिलता है कि अधिकारी भ्रामक सूचनाओं के विरुद्ध सक्रिय रहने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही, यह देश के डेटा सुरक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा के बारे में बढ़ती चिंता को भी दर्शाता है।