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सरकारी मुक्त कोचिंग योजना में नाम मात्र नामांकन, संसदीय समिति की कड़ी आलोचना
संसदीय पैनल ने सरकारी मुक्त कोचिंग योजना में भारी विफलता का खुलासा किया है, जहां लक्ष्य के मुकाबले मात्र चार प्रतिशत छात्रों का नामांकन हुआ। प्रधानमंत्री द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर सभी छात्रों के लिए मुक्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा के बीच यह रिपोर्ट निराशाजनक तस्वीर प्रस्तुत करती है।
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संसद की एक समिति ने सरकारी मुक्त कोचिंग योजना में चिंताजनक नतीजों का खुलासा किया है। योजना के तहत 10,500 छात्रों को नामांकित किए जाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन केवल 2,790 छात्रों ने ही नामांकन लिया है। यह नाकामी तब सामने आई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही के स्वतंत्रता दिवस भाषण में सभी छात्रों के लिए मुक्त ऑनलाइन कोचिंग योजना की घोषणा की थी।
NEET-UG परीक्षा पेपर लीक के विरुद्ध जनरेशन जेड के विद्रोह के बाद यह घोषणा की गई थी, जिसमें छात्रों ने सरकार से जवाबदेही की मांग की थी। हालांकि, इस नई कोचिंग योजना का कोई विस्तृत रोडमैप अभी तक जनता के सामने नहीं आया है।
संसदीय समिति की रिपोर्ट सरकारी कोचिंग पहल के असली हाल को दर्शाती है। मुक्त कोचिंग योजना के प्रति छात्रों की प्रतिक्रिया निराशाजनक रही है, जो सरकार की योजना के कार्यान्वयन में गंभीर खामियों की ओर संकेत करता है।
यह विफलता उच्च शिक्षा में प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समर्थन प्रदान करने की चुनौतियों को उजागर करती है। सरकार को अपनी पहल को बेहतर ढंग से योजनाबद्ध और प्रचारित करने की तत्काल आवश्यकता है ताकि इसका लाभ उद्देश्यानुसार छात्रों तक पहुंच सके।