World · India Bureau
सहारनपुर में सरकारी ऋण से पुरानी मिट्टी कला को मिली नई जान
मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार योजना के तहत दो लाख रुपये का ऋण लेकर देवेंद्र कुमार ने अपने पारंपरिक कुम्हार व्यवसार को पुनः जीवंत किया है। आज वह न केवल स्थानीय बाजार में बल्कि पड़ोसी जिलों में भी अपने मिट्टी के सामान का निर्यात कर रहे हैं।
LSN India ·

सहारनपुर जिले के जड़ौदा पांडा निवासी देवेंद्र कुमार का जीवन बदल गया जब उन्होंने सरकार की माटीकला रोजगार योजना से दो लाख रुपये का ऋण लिया। इस ऋण की मदद से उन्होंने अपने पारिवारिक व्यवसार को फिर से शुरू किया, जो पिछले कुछ वर्षों से बंद पड़ा था।
कुमार अब विभिन्न प्रकार की मिट्टी की कलाकृतियां बना रहे हैं। उनके उत्पादों में गमले, फ्लावर पॉट, गुल्लक, दीपक और मूर्तियां शामिल हैं। इन हस्तनिर्मित वस्तुओं की गुणवत्ता और डिजाइन की वजह से उन्हें बड़ी मांग मिल रही है।
वर्तमान में कुमार के पास चार कर्मचारी काम कर रहे हैं जो उनके उत्पादन को बढ़ाने में सहायता कर रहे हैं। सहारनपुर के अलावा, उन्हें मुजफ्फरनगर, चरथावल और करनाल जैसे पड़ोसी इलाकों से भी नियमित ऑर्डर आ रहे हैं।
यह योजना परंपरागत कारीगरों और छोटे व्यवसायियों को ऋण देकर उनकी आजीविका सुधारने का प्रयास है। देवेंद्र कुमार का सफलता का मामला इसी योजना की प्रभावशीलता का सबूत है।