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जलवायु संकट के लिए विकसित देश जिम्मेदार: पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विकसित राष्ट्रों को जलवायु संकट का मूल कारण बताया है। गोयल का कहना है कि यह समस्या इन्हीं देशों की औद्योगिक गतिविधियों से उत्पन्न हुई है।
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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक महत्वपूर्ण बयान में विश्व के विकसित देशों को वैश्विक जलवायु संकट का प्राथमिक जिम्मेदार ठहराया है। गोयल के अनुसार, पिछली दो शताब्दियों में विकसित राष्ट्रों द्वारा की गई औद्योगिक गतिविधियों और ऊर्जा खपत ने पृथ्वी के तापमान में वृद्धि में प्रमुख भूमिका निभाई है।
भारतीय मंत्री का तर्क है कि विकसित देशों ने अपने विकास के दौरान पर्यावरण संरक्षण की परवाह नहीं की, जिसके परिणाम आज पूरी दुनिया को भुगतने पड़ रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि अब यह जिम्मेदारी इन्हीं देशों की है कि वे जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए वास्तविक कदम उठाएं और विकासशील देशों को आवश्यक सहायता प्रदान करें।
गोयल का यह विचार अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं में भारत की परंपरागत स्थिति को दर्शाता है, जहां भारत आमतौर पर विकसित राष्ट्रों से अधिक जिम्मेदारी लेने और जलवायु कार्रवाई में वित्तीय सहायता बढ़ाने की मांग करता है। भारत का यह रुख यह सुनिश्चित करने के लिए है कि जलवायु संकट से निपटने का दायित्व समान रूप से विभाजित हो।