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ग्रीस की कोरोनिया झील का 92 प्रतिशत पानी सूखा, जलवायु संकट का मुखर संकेत

ग्रीस स्थित कोरोनिया झील एक दशक में तबाह हो गई है। घटती वर्षा, बढ़ते तापमान और अत्यधिक जल निष्कर्षण ने इस महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि को सूखने के कगार पर ला दिया है।

LSN India · 3 October 2026

ग्रीस की कोरोनिया झील का 92 प्रतिशत पानी सूखा, जलवायु संकट का मुखर संकेत

कोरोनिया झील कभी हजारों प्रवासी पक्षियों और मछलियों के लिए महत्वपूर्ण आश्रयस्थल थी। यह जलीय जैव विविधता का केंद्र और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न अंग रहा है। लेकिन पिछले 10 वर्षों में झील का 92 प्रतिशत जल सूख गया है, जिससे यह आर्द्रभूमि अब सूखे कड़े मैदान में तब्दील हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार इस संकट के पीछे कई कारण हैं। क्षेत्र में वर्षा में तेजी से गिरावट, जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी और अनियंत्रित कृषि सिंचाई प्रमुख कारण हैं। भूजल का अत्यधिक दोहन और जल प्रबंधन में कमजोरियां भी झील के सूखने का कारण बनी हैं।

झील के सूखने से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान हुआ है। प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां यहां से विलुप्त हो रही हैं और जलीय जीवन संकट में है। यह स्थिति दक्षिण यूरोप में जलवायु परिवर्तन के व्यापक प्रभावों को दर्शाती है।

कोरोनिया झील की दुर्दशा वैश्विक जलवायु संकट की एक गंभीर चेतावनी है। इसी तरह की स्थिति दुनिया भर की अन्य झीलों और आर्द्रभूमियों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है। जल संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।