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भारत की हरित परिवहन क्रांति के लिए जरूरी है डीजल से प्रतिस्पर्धा: विशेषज्ञ
भारत के ग्रीन फ्रेट सेक्टर के लिए अगले तीन से पांच साल महत्वपूर्ण हैं। स्वच्छ और इलेक्ट्रिक ट्रकों को आर्थिक रूप से डीजल वाहनों के बराबर आना होगा।
LSN India ·
भारत के ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर को एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा माना जा रहा है। इंडस्ट्री विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले कुछ वर्षों में साफ-सुथरी तकनीक वाले ट्रकों को डीजल इंजन वाली गाड़ियों के साथ आर्थिक प्रतिस्पर्धा में सक्षम होना होगा ताकि वास्तविक बदलाव संभव हो सके।
विश्लेषकों का कहना है कि एलएनजी और इलेक्ट्रिक गतिशीलता को अपनाने के लिए सरकार द्वारा मजबूत कानूनी ढांचे की आवश्यकता है। ऐसी व्यवस्था से परिवहन क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन आ सकता है। यह बदलाव देश के पर्यावरणीय लक्ष्यों और जलवायु प्रतिबद्धताओं को हासिल करने के लिए आवश्यक माना जा रहा है।
इंडस्ट्री विशेषज्ञ मानते हैं कि स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित फ्रेट सिस्टम को 'यूपीआई पल' की तरह एक तीव्र गति से विकसित होना चाहिए। इसके लिए सरकारी समर्थन, बेहतर अवसंरचना और निजी क्षेत्र के निवेश की समन्वित कार्यवाही आवश्यक है। उन्हें विश्वास है कि सही नीति समर्थन से भारत वैश्विक हरित परिवहन में अग्रणी बन सकता है।