World · India Bureau
ट्रांसमिशन समस्या भारत की नवीकरणीय ऊर्जा वृद्धि को झटका दे सकती है
भारत के पश्चिमी क्षेत्र में सौर ऊर्जा उत्पादकों को ग्रिड की भीड़ और अतिरिक्त बिजली के कारण दिन के समय उत्पादन कम या बंद करना पड़ रहा है। विश्लेषकों के अनुसार यह समस्या देश की नवीकरणीय ऊर्जा योजनाओं के लिए गंभीर चुनौती बन सकती है।
LSN India ·

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार योजनाओं को बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क की समस्या से बड़ा झटका लग सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो पश्चिमी भारत में कई सौर ऊर्जा उत्पादकों को अल्पकालीन समझौतों के तहत काम करना पड़ रहा है जिसके कारण उन्हें ग्रिड की भीड़ और अतिरिक्त बिजली आपूर्ति की स्थिति में दिन के समय अपना उत्पादन कम या पूरी तरह बंद करना पड़ता है।
यह स्थिति उन सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए आर्थिक रूप से नुकसानदेह साबित हो रही है जो अपनी पूरी क्षमता से काम करने की स्थिति में नहीं हैं। ट्रांसमिशन बाधाओं के कारण बिजली को प्रमुख खपत केंद्रों तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है, जिससे ग्रिड में अस्थिरता आती है।
ऐसे में देश की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजनाओं को रोक लगना संभव है। विद्युत बुनियादी ढांचे को मजबूत किए बिना सौर और पवन ऊर्जा से जुड़ी पहलों का सफल होना कठिन दिख रहा है।
इस समस्या को हल करने के लिए नई ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण, ऊर्जा भंडारण प्रणाली के विकास और ग्रिड प्रबंधन में सुधार की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन कदमों के बिना भारत की 2030 तक नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य हासिल करना चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।