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घर पर पालक की खेती: तीन हफ्ते में तैयार होगी फसल
सर्दियों का मौसम छत और बालकनी में पालक उगाने के लिए आदर्श है। सही विधि अपनाकर आप मात्र 20-35 दिनों में ताजी और पौष्टिक पत्तियों की कटाई कर सकते हैं।
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पालक की खेती घर पर करना आजकल कई परिवारों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। छत, बालकनी अथवा आंगन के किसी भी कोने में गमलों में इसे सफलतापूर्वक उगाया जा सकता है। यह विधि विशेषकर शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए उपयोगी साबित हुई है।
पालक की खेती के लिए बलुई दोमट या दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। गमले में बीज बोने से पहले मिट्टी को अच्छी तरह तैयार किया जाना चाहिए। जैविक खाद और वर्मीकम्पोस्ट मिलाकर मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। बीज को सीधे गमले में 1-1.5 सेंटीमीटर की गहराई पर बोया जाए तो सर्वोत्तम परिणाम मिलते हैं।
बीज बोने के बाद नियमित जल प्रबंधन आवश्यक है। मिट्टी को नम रखें किंतु जलभराव से बचें। सर्दी के मौसम में 20-25 दिन बाद पत्तियां तोड़ने लायक हो जाती हैं, जबकि गर्मी में यह अवधि 30-35 दिन तक बढ़ सकती है।
पत्तियों की कटाई आवश्यकतानुसार की जा सकती है। बाहरी पत्तियों को पहले तोड़ें जिससे पौधा निरंतर बढ़ता रहे। उचित देखभाल से एक ही गमले से कई हफ्तों तक पालक की पत्तियां प्राप्त की जा सकती हैं।