World · India Bureau
जीएसटी सुधार: गिरफ्तारी की शक्तियां हटीं, अभियोजन सीमा 5 करोड़ रुपये तक बढ़ी
केंद्रीय करों में बड़े सुधार के तहत सरकार ने जीएसटी कानून में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब छोटे और मध्यम व्यापारियों को गिरफ्तारी का खतरा कम होगा जबकि गंभीर मामलों में अभियोजन की सीमा में वृद्धि की गई है।
LSN India ·

सरकार ने जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) व्यवस्था को अधिक सहज बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुधार की घोषणा की है। इन सुधारों के अंतर्गत कर अधिकारियों को गिरफ्तारी की शक्तियां वापस ली जा रही हैं, जिससे छोटे कारोबारियों के खिलाफ मनमानी कार्रवाई रोकी जा सकेगी।
नई व्यवस्था के तहत अब अभियोजन की सीमा 5 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। इसका अर्थ यह है कि इस राशि तक के मामलों में अधिकारियों को सीधे कानूनी कार्रवाई करने का अधिकार होगा, जबकि कम राशि वाले विवादों को समझौते के माध्यम से निपटाया जा सकेगा।
जीएसटी नियमों को लागू करते समय कर चोरी और अनुपालन में असफलता संबंधी मामलों में अक्सर करदाताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई देखी गई थी। यह निर्णय छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए राहत माना जा रहा है क्योंकि इससे उन्हें अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये सुधार जीएसटी संरचना को अधिक व्यावहारिक और न्यायसंगत बनाएंगे। सरकार का उद्देश्य अनुपालन को आसान बनाते हुए गंभीर कर अपराधों पर कठोर नियंत्रण रखना है।