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रियल एस्टेट और होटल सेक्टर को GST में इनपुट टैक्स क्रेडिट राहत मिल सकती है
GST परिषद रियल एस्टेट, निर्माण और आतिथ्य क्षेत्रों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) संबंधी प्रस्तावों पर विचार करने के लिए तैयार है। पाइपलाइन, टेलीकॉम टावर और सरकारी फर्मों के बीच अनुबंधित मूल्य निर्धारण भी इस चर्चा के केंद्र में हैं।
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रियल एस्टेट, निर्माण और आतिथ्य सेक्टर को GST व्यवस्था में राहत देने के लिए GST परिषद कई प्रस्तावों पर विचार कर रही है। इन प्रस्तावों में पाइपलाइन और दूरसंचार टावरों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) प्रदान करना शामिल है, जिससे इन उद्योगों की लागत में कमी आ सकती है।
तीन प्रमुख प्रस्ताव परिषद की एजेंडा में शामिल हैं। पहला, सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों के बीच अनुबंधित कीमतों के आधार पर टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था करना। दूसरा, होटल, पर्यटन और वेलनेस सेवाओं के क्षेत्र में ITC की सुविधाओं को विस्तृत करना। ये उपाय पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेंगे।
रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र लंबे समय से ITC सुविधाओं के विस्तार की मांग कर रहे हैं। ये सेक्टर अर्थव्यवस्था के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और रोजगार सृजन का प्रमुख स्रोत हैं। ITC राहत से इन उद्योगों की परियोजनाओं की लागत कम होगी, जिससे आम उपभोक्ताओं को भी लाभ मिल सकता है।
विश्लेषकों का मानना है कि ये प्रस्ताव, यदि मंजूर हो जाएं, तो होटल, पर्यटन और आतिथ्य सेवाओं को विशेष रूप से लाभान्वित करेंगे। महामारी के बाद इन क्षेत्रों की रिकवरी में यह कदम सहायक साबित हो सकता है। GST परिषद के अगले सत्र में इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय लिया जाने की उम्मीद है।