Business · India Bureau
समूह स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर जीएसटी क्रेडिट से कर्मचारी कवरेज बढ़ेगा
नियोक्ताओं को समूह स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर दिए गए जीएसटी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की अनुमति से कर्मचारियों के लिए बीमा कवरेज विस्तार हो सकता है और कर असमानताएं दूर हो सकती हैं।
LSN India ·

नियोक्ताओं को समूह स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर दिए गए जीएसटी के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की अनुमति देने से बीमा सेवाओं की प्रभावी लागत में कमी आ सकती है। यह कदम कर्मचारियों के बीच स्वास्थ्य और जीवन बीमा कवरेज को बढ़ाने में मदद कर सकता है, खासकर छोटे और माध्यम आकार के उद्यमों में।
वर्तमान में, नियोक्ताओं को समूह बीमा खरीद पर जीएसटी का भुगतान करना पड़ता है, लेकिन वे इस राशि के लिए आईटीसी का दावा नहीं कर सकते। इससे एक कर असमानता की स्थिति बनी हुई है जो बीमा उत्पादों को अन्य सेवाओं की तुलना में अधिक महंगा बनाती है। आईटीसी की अनुमति देने से कंपनियों का प्रभावी कर बोझ कम होगा।
इस नीतिगत परिवर्तन से कई लाभ मिल सकते हैं। नियोक्ता अपने कर्मचारियों के लिए व्यापक स्वास्थ्य कवरेज और जीवन बीमा प्रदान करने के लिए अधिक इच्छुक हो सकते हैं। साथ ही, यह कदम भारत में कर्मचारी कल्याण योजनाओं को बढ़ावा देने में सहायक हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रस्ताव से बीमा उद्योग को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि अधिक कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए समूह बीमा खरीदने के लिए प्रोत्साहित होंगी। इससे राष्ट्रीय स्तर पर बीमा कवरेज में सार्थक वृद्धि हो सकती है।