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पिछली GST अपील लंबित होने पर स्वचालित रिफंड नहीं: वित्त मंत्रालय

वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पूर्ववर्ती रिफंड आदेश पर विवाद चल रहा हो तो तीव्र मार्ग के तहत जीएसटी रिफंड के लिए अधिकारी की जांच अनिवार्य होगी। इससे व्यवसायों के कार्यशील पूंजी राहत में संभावित देरी हो सकती है।

LSN India · 9 October 2026

पिछली GST अपील लंबित होने पर स्वचालित रिफंड नहीं: वित्त मंत्रालय

भारतीय राजस्व प्राधिकार ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है जो जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को प्रभावित करेगा। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यदि किसी करदाता के पिछले रिफंड आवेदन पर अपील या विवाद की कार्यवाही चल रही है, तो नए रिफंड दावों को तीव्र मार्ग के माध्यम से स्वचालित रूप से स्वीकृति नहीं दी जाएगी।

इस नीति के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों में राजस्व अधिकारियों को नए रिफंड आवेदन की विस्तृत जांच करनी होगी। यह प्रक्रिया न केवल आवेदन को जटिल बनाती है बल्कि निर्णय लेने में भी समय लगाती है। व्यवसायी समुदाय के लिए यह निर्णय चिंताजनक है क्योंकि तीव्र रिफंड उनके कार्यशील पूंजी को सुचारू रखने के लिए महत्वपूर्ण होता है।

मंत्रालय के इस कदम का तर्क यह है कि पिछले विवादास्पद मामलों की स्पष्टता न होने तक नए रिफंड पर निर्णय लेना जोखिम भरा हो सकता है। हालांकि, इस नीति से करदाताओं को अतिरिक्त बोझ का सामना करना पड़ेगा और उनकी नकदी प्रवाह संबंधी चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

व्यवसायों को अब अपने रिफंड आवेदनों के निपटान में अधिक समय के लिए तैयार रहना होगा, विशेषकर यदि उनके किसी पिछले आवेदन पर कोई विवाद लंबित है। यह निर्णय छोटे और मध्यम आकार के उद्यमों के लिए विशेष चुनौती बन सकता है।