Business · India Bureau
जीएसटी राजस्व की तुलना के मामले में सरकार ने दिया स्पष्टीकरण
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा है कि जीएसटी की वृद्धि को समान आधार पर मापा जाना चाहिए। सरकार ने यह भी खारिज किया कि उपकर को राजस्व गणना से चुप्पी से बाहर रखा गया है।
LSN India ·
नई दिल्ली - सरकार ने जीएसटी राजस्व वृद्धि की गणना को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया है कि विभिन्न अवधियों की तुलना करते समय समान कर आधार का उपयोग करना आवश्यक है। केंद्रीय माल और सेवा कर बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि जीएसटी संग्रहण के आंकड़ों का विश्लेषण करते समय तुलनीय डेटा का ही उपयोग किया जाना चाहिए।
सरकार के इस स्पष्टीकरण का संदर्भ यह दावा है कि उपकर को राजस्व गणना से अलग रखा गया है। सरकार ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा है कि राजस्व आंकड़ों को प्रस्तुत करने का तरीका पारदर्शी और वैज्ञानिक है। बोर्ड ने जोर दिया है कि विभिन्न घटकों को अलग-अलग प्रस्तुत करने का उद्देश्य गणना में स्पष्टता लाना है।
जीएसटी व्यवस्था के तहत संग्रह किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के करों में मूल जीएसटी, एकीकृत जीएसटी और उपकर शामिल हैं। सरकार ने कहा है कि जब राजस्व की वृद्धि दर की तुलना की जाती है, तो समान आधार पर गणना की जानी चाहिए। यह सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है कि आंकड़े सटीक और तुलनीय हों।
सरकार के इस स्पष्टीकरण से यह संकेत मिलता है कि जीएसटी राजस्व के मामले में पारदर्शिता बनाए रखने पर उसका जोर है। आर्थिक नीति के संदर्भ में राजस्व डेटा का सही विश्लेषण महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसी के आधार पर विभिन्न नीतिगत निर्णय लिए जाते हैं।