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जीएसटी 2.0 के एक साल: शुद्ध राजस्व संग्रह में सुधार के संकेत
जीएसटी दरों में किये गए बदलावों के बाद अधिकांश उत्पादों पर मुआवजा कर को हटा दिया गया है। तंबाकू उत्पादों पर यह कर तब तक बरकरार रहेगा जब तक बकाया देनदारियों का निपटान नहीं हो जाता।
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देश की अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में आया यह बड़ा बदलाव राजस्व संग्रह में सकारात्मक प्रभाव दिखा रहा है। सरकार द्वारा की गई दरों की पुनर्संरचना के तहत अधिकांश वस्तुओं और सेवाओं पर लगाया जाने वाला मुआवजा कर समाप्त कर दिया गया है।
यह कदम राज्यों को उनके राजस्व नुकसान के लिए दिए जाने वाले मुआवजे से संबंधित बकाया देनदारियों को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार के अनुमान के अनुसार इस व्यवस्था से केंद्र और राज्यों दोनों के लिए वित्तीय दबाव में कमी आएगी।
हालांकि, तंबाकू जैसी कुछ विशेष वस्तुओं पर मुआवजा कर बरकरार रखा गया है। इस कर को तब तक लागू रखा जाएगा जब तक पिछले वर्षों की बकाया रकम और उस पर लगा ब्याज पूरी तरह से चुकाया नहीं जाता।
व्यवसायी समुदाय इस संरचनागत सुधार को सकारात्मक मानते हुए आशा व्यक्त कर रहा है कि इससे कर प्रणाली में एकरूपता आएगी और कर अनुपालन में सुधार होगा। आने वाले महीनों में इसका असर जीएसटी राजस्व के आंकड़ों में और स्पष्ट रूप से दिखाई देने की संभावना है।