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शारदीय नवरात्र में कन्या पूजन: तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि
इस वर्ष शारदीय नवरात्र के दौरान कन्या पूजन की सही तारीख और शुभ मुहूर्त जानने के लिए भक्तों में जिज्ञासा बनी हुई है। पूजा की तैयारी करने वाले श्रद्धालुओं के लिए यहां संपूर्ण जानकारी दी जा रही है।
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शारदीय नवरात्र के अंतिम दिनों में कन्या पूजन का विशेष महत्व है। इस पवित्र अनुष्ठान के लिए अष्टमी और नवमी तिथियां सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। वर्ष 2026 में कन्या पूजन की सटीक तारीख और शुभ मुहूर्त की जानकारी प्राप्त करना भक्तों के लिए आवश्यक है ताकि वे विधिवत पूजा संपन्न कर सकें।
हिंदू परंपरा में कन्या पूजन नवरात्र का एक अभिन्न अंग माना जाता है। इस दिन नौ कन्याओं को देवी का रूप मानकर पूजा जाता है और उन्हें भोजन कराया जाता है। पूजा के लिए निर्धारित मुहूर्त में इस कार्य को संपन्न करने से अधिक फल की प्राप्ति मानी जाती है।
कन्या पूजन के लिए आवश्यक सामग्री में फूल, अगरबत्ती, दीप, हलवा, पूरी और छोले जैसे पारंपरिक भोग शामिल होते हैं। पूजा की विधि में कन्याओं का स्वागत, उनके पैर धुलवाना और उन्हें भोजन कराना प्रमुख चरण होते हैं। इस वर्ष नवरात्र की सटीक तिथि और प्रत्येक दिन का मुहूर्त जानकर पूजा की तैयारी की जा सकती है।
श्रद्धालुओं को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय पंचांग के अनुसार अपने क्षेत्र का शुभ समय जांचकर पूजा का आयोजन करें। इससे पूजा का लाभ पूर्णरूप से प्राप्त होता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।