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तीर्थ स्थल की गरिमा को व्यावसायिक अधिकार से ऊपर रखा जाएगा: गुजरात
गुजरात सरकार ने उच्च न्यायालय में तर्क दिया है कि मंदिर के 500 मीटर के दायरे में मांस बिक्री पर लगाई गई पाबंदी धार्मिक स्थल की पवित्रता की रक्षा के लिए आवश्यक है। छह रेस्तरां मालिकों ने इस प्रतिबंध को चुनौती दी है।
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गुजरात सरकार ने उच्च न्यायालय में कहा है कि पूजा स्थलों की पवित्रता बनाए रखने के नियम व्यावसायिक अधिकारों से अधिक महत्वपूर्ण हैं। सरकार ने अदालत में दलील दी कि धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को व्यावहारिक हितों पर प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
दो महीने पहले गुजरात सरकार ने एक प्रमुख तीर्थ स्थल के आसपास 500 मीटर की परिधि में मांसाहारी भोजन की बिक्री पर संपूर्ण प्रतिबंध लगाया था। यह निर्णय पवित्रता और धार्मिक मूल्यों की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया था।
इस प्रतिबंध से प्रभावित छह रेस्तरां मालिकों ने इसे असंवैधानिक बताते हुए उच्च न्यायालय में अपील की है। उन्होंने तर्क दिया है कि यह निर्णय उनके व्यावसायिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और भेदभावपूर्ण है।
न्यायालय में चल रहे विवाद में गुजरात सरकार का रुख यह है कि तीर्थ स्थलों के चारों ओर व्यावसायिक गतिविधियों को नियंत्रित करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है। सरकार ने कहा है कि धार्मिक मान्यताओं को सम्मान देना और उन्हें संरक्षित रखना सार्वजनिक हित में है।