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माइक्रोसॉफ्ट, कॉग्निजेंट और इनफोसिस के H-1B विस्तार में देरी को लेकर विशेषज्ञों की चिंता
अमेरिकी वीजा नीति के विशेषज्ञ भारतीय आईटी कंपनियों के H-1B वीजा विस्तार में अस्पष्टता और देरी को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की तरफ से स्पष्ट दिशा निर्देश का अभाव कंपनियों के लिए समस्या खड़ी कर रहा है।
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आव्रजन नीति के जानकारों ने माइक्रोसॉफ्ट, कॉग्निजेंट और इनफोसिस सहित प्रमुख भारतीय आईटी कंपनियों के H-1B वीजा विस्तार प्रक्रिया में लंबी देरी को लेकर गहरी चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया में कोई स्पष्ट दिशा निर्देश न होने से कंपनियां अनिश्चितता की स्थिति में काम कर रही हैं।
H-1B वीजा अमेरिका में कुशल कर्मचारियों को नियुक्त करने के लिए भारतीय आईटी कंपनियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन कंपनियों को अपने कर्मचारियों के वीजा विस्तार के लिए नियमित रूप से आवेदन करना पड़ता है, लेकिन वर्तमान में इस प्रक्रिया में असामान्य रूप से लंबी देरी हो रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारी एजेंसियों की ओर से न तो कोई आधिकारिक बयान आया है और न ही किसी के लिए स्पष्ट समय सीमा निर्धारित की गई है। इस अनिश्चितता के कारण कंपनियां अपनी कर्मचारी योजनाओं में समन्वय करने में कठिनाई का सामना कर रही हैं।
इस मुद्दे का संभावित असर भारतीय आईटी पेशेवरों और उद्योग दोनों पर पड़ सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि आव्रजन नीति में इस तरह की अस्पष्टता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा आकर्षित करने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है।