Business · India Bureau
सिलिकॉन वैली निवेशक का दावा: H-1B वीजा धारकों में धोखाधड़ी का खतरा
एक भारतीय-अमेरिकी सिलिकॉन वैली निवेशक ने कहा है कि अमेरिका आने वाले H-1B वीजा धारकों का 20-25 प्रतिशत नकली योग्यता रखते हैं। निवेशक के अनुसार, बड़ी संख्या में आवेदकों के पास जाली डिग्रियां होती हैं।
LSN India ·

एक प्रमुख सिलिकॉन वैली निवेशक ने अमेरिका के H-1B वीजा कार्यक्रम में व्यापक धोखाधड़ी की समस्या की ओर ध्यान दिलाया है। निवेशक के अनुसार, अमेरिका आने वाले H-1B वीजा धारकों का एक बड़ा हिस्सा नकली शैक्षणिक योग्यता के साथ प्रवेश करता है।
निवेशक ने कहा कि यह समस्या काफी गंभीर है और उन्होंने अनुमान लगाया है कि आने वाले H-1B वीजा धारकों में से 20 से 25 प्रतिशत आवेदकों के पास जाली डिग्रियां हो सकती हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी सुझाव दिया है कि कई आवेदकों की योग्यता और दावों में विसंगतियां होती हैं।
H-1B वीजा कार्यक्रम भारतीय पेशेवरों के लिए अमेरिका में काम करने का एक प्रमुख मार्ग रहा है। हालांकि, निवेशक के ये दावे इस कार्यक्रम की पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रियाओं के बारे में सवाल उठाते हैं।
यह टिप्पणी अमेरिकी आप्रवासन और कार्यश्रम नीति पर चल रही बहस को रेखांकित करती है। विभिन्न हितधारकों ने H-1B कार्यक्रम में सुधार और बेहतर सत्यापन तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योग्य और सत्यापित पेशेवर ही इसका लाभ उठाएं।