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अमेरिकी सीईओ का दावा: भारतीय H-1B वीजाधारी अपने ही देशवासियों को नियुक्त कर रहे हैं
एक अमेरिकी व्यावसायिक नेता के अनुसार, फॉर्च्यून 500 कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया है कि भारतीय H-1B वीजाधारी अपने ही देशवासियों को सर्वश्रेष्ठ पद देते हुए प्राथमिकता दे रहे हैं।
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अमेरिका में कार्यरत भारतीय पेशेवरों के आचरण को लेकर एक महत्वपूर्ण आरोप सामने आया है। एक प्रमुख अमेरिकी सीईओ ने दावा किया है कि फॉर्च्यून 500 कंपनी के एक वरिष्ठ कार्यपालक ने उन्हें बताया कि H-1B वीजाधारक भारतीय पेशेवरों द्वारा नियुक्ति और कार्य आवंटन में भेदभाव किया जा रहा है।
इस अधिकारी के अनुसार, भारतीय मूल के H-1B वीजाधारी अपने ही देशवासियों को पसंद करते हुए उन्हें सर्वश्रेष्ठ और सबसे महत्वपूर्ण कार्य सौंप रहे हैं। इस दावे में एक और आयाम यह जोड़ा गया कि कुछ H-1B वीजाधारक किराना दुकानों सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में भी संलग्न हैं।
ये दावे H-1B वीजा कार्यक्रम की पारदर्शिता और न्यायसंगतता के बारे में सवाल उठाते हैं। H-1B वीजा अमेरिका में विशेषज्ञ पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए डिजाइन किया गया एक अस्थायी वीजा कार्यक्रम है।
इस आरोप की सत्यता अभी तक किसी स्वतंत्र स्रोत द्वारा सत्यापित नहीं की गई है। हालांकि, यह मामला भारतीय पेशेवरों के नैतिक आचरण और अमेरिकी कर्मचारी कानूनों के पालन के संबंध में एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गया है।