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HAL को निजी क्षेत्र की मदद जरूरी: एयरोस्पेस इकोसिस्टम के लिए सीएमडी राबी

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड के प्रमुख ने कहा कि देश के एयरोस्पेस सेक्टर को मजबूत करने के लिए निजी कंपनियों की भूमिका अहम है। HAL के पास तेजस Mk1 के 25 विमान तैयार हैं लेकिन GE से इंजन की देरी से IAF को सुपुर्दगी में बाधा आ रही है।

LSN India · 18 September 2026

HAL को निजी क्षेत्र की मदद जरूरी: एयरोस्पेस इकोसिस्टम के लिए सीएमडी राबी

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राबी के. ने कहा है कि भारतीय एयरोस्पेस इकोसिस्टम को विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी अपरिहार्य है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की एक कंपनी अकेले सभी लक्ष्यों को पूरा नहीं कर सकती और इसके लिए उद्योग के विभिन्न स्तरों पर निजी निवेश की जरूरत है।

राबी के. ने बताया कि हल के पास स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1 के 25 विमान तैयार हैं। हालांकि, भारतीय वायु सेना (IAF) को इन विमानों की डिलीवरी में विलंब हो रहा है। इस देरी का मुख्य कारण अमेरिकी निर्माता जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से इंजन की आपूर्ति में होने वाली बाधा है।

राबी ने बताया कि हल तेजस Mk2 संस्करण के लिए इंजन लगाने संबंधी GE की व्यावसायिक प्रस्ताव का इंतजार कर रहा है। यह प्रस्ताव तेजस Mk2 परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है, जिसे अगली पीढ़ी के लड़ाकू विमान के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यह बयान तब आया है जब भारत अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। एयरोस्पेस सेक्टर में निजी निर्माताओं की भागीदारी बढ़ाने से उत्पादन क्षमता में वृद्धि और नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।