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हैलोवीन 2026: इस भयानक पर्व का इतिहास और महत्व

हैलोवीन का पर्व हर साल अक्टूबर के अंत में मनाया जाता है और इसे नारंगी और काले रंग से सजाया जाता है। इस प्राचीन परंपरा के पीछे एक समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक महत्व है।

LSN India · 30 October 2026

हैलोवीन एक ऐसा पर्व है जो मुख्य रूप से पश्चिमी देशों में मनाया जाता है और धीरे-धीरे विश्वभर में लोकप्रिय हो रहा है। इस पर्व को अक्टूबर के अंतिम दिन, विशेष रूप से 31 अक्टूबर को मनाया जाता है। 2026 में भी यह पर्व उसी तारीख को मनाया जाएगा।

हैलोवीन की परंपरा प्राचीन केल्टिक सभ्यता से जुड़ी हुई है। माना जाता है कि इसकी शुरुआत आयरलैंड और स्कॉटलैंड में हुई थी, जहां लोग सर्दियों की शुरुआत को चिह्नित करने के लिए इसे मनाते थे। समय के साथ यह परंपरा ईसाई संस्कृति में शामिल हुई और आज यह वैश्विक पहचान बन गई है।

नारंगी और काले रंग इस पर्व के पारंपरिक रंग माने जाते हैं। नारंगी रंग फसल के मौसम और प्रकृति की सुंदरता का प्रतीक है, जबकि काला रंग अंधकार और आध्यात्मिकता को दर्शाता है। इसी कारण लोग अपने घरों को इन रंगों से सजाते हैं और विभिन्न सजावटें करते हैं।

आधुनिक समय में हैलोवीन का पर्व एक सांस्कृतिक और सामाजिक समारोह के रूप में मनाया जाता है। लोग भयानक पोशाकें पहनते हैं, कद्दू की रोशनी सजाते हैं और बच्चों को मिठाई बांटते हैं। यह पर्व मनोरंजन, सामाजिकता और परंपरा का एक अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करता है।