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यश की छवि: केजीएफ के सुपरस्टार से 'खूंखार' भूमिकाओं तक की यात्रा
कन्नड़ सिनेमा के सितारे यश ने केजीएफ फ्रेंचाइजी के जरिए पैन-इंडिया पहचान बनाई, लेकिन लगातार आक्रामक और नकारात्मक भूमिकाएं निभाने से उनकी बहुआयामी प्रतिभा पृष्ठभूमि में जाती दिख रही है।
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कन्नड़ सिनेमा के शीर्ष अभिनेता यश की फिल्मी यात्रा में एक स्पष्ट विभाजन दिख रहा है। 'केजीएफ' और 'केजीएफ: चैप्टर 2' की सफलता ने उन्हें राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित किया, लेकिन इसके बाद की परियोजनाओं में उनकी छवि तेजी से 'रफ-टफ' किरदारों की ओर झुकती दिखाई दी।
'रॉकी भाई' जैसी फिल्मों में यश की भूमिका अत्यधिक आक्रामक चित्रण के लिए जानी गई। इसी क्रम में उन्होंने एक बड़े प्रोडक्शन में 'रामायण' से प्रेरित एक विलेन की भूमिका निभाई, जिससे उनकी छवि और भी गहरी और 'टॉक्सिक' होती चली गई। यह प्रवृत्ति उनके पहले के काम से एकदम भिन्न थी।
'गुगली' और 'मिस्टर एंड मिसेज रामचारी' जैसी फिल्मों में यश ने रोमांटिक और हल्के-फुल्के अंदाज में काम किया था, जो दर्शकों को भी पसंद आया था। उनकी यह बहुआयामी प्रतिभा अब सीमित दिखने लगी है क्योंकि वे लगातार खूंखार और नकारात्मक किरदारों में कास्ट किए जा रहे हैं।
इंडस्ट्री पर्यवेक्षकों का मानना है कि यश को अपनी छवि में विविधता लानी चाहिए और रोमांटिक तथा आवेगात्मक किरदारों की ओर वापस लौटना चाहिए ताकि उनकी समग्र अभिनय क्षमता को न्यायसंगत प्रदर्शन मिल सके।