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त्योहारी खान-पान में स्वास्थ्यकर विकल्प, लेकिन क्या सच में लाभकारी हैं?

मिलेट और एयर-फ्राई तकनीक का इस्तेमाल बढ़ रहा है, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि स्वास्थ्यकर सामग्री का मतलब स्वास्थ्यकर भोजन नहीं होता। त्योहारों में खान-पान की नई प्रवृत्तियों पर विस्तार से जानिए।

LSN India · 21 October 2026

त्योहारी खान-पान में स्वास्थ्यकर विकल्प, लेकिन क्या सच में लाभकारी हैं?

भारतीय घरों में त्योहारी मौसम के दौरान खान-पान की आदतें बदल रही हैं। परंपरागत गुलगुलों और तले-भुने पकवानों की जगह अब बाजरा आधारित व्यंजन और एयर-फ्राइड स्नैक्स लोकप्रिय हो रहे हैं। खाद्य उद्योग भी इन ट्रेंडी विकल्पों को बढ़ावा दे रहा है, जिनमें वह आधुनिक पोषण विज्ञान का सहारा लेता है।

हालांकि, पोषण विशेषज्ञ इस बात पर बल दे रहे हैं कि केवल घटकों के आधार पर स्वास्थ्यकर विकल्प चुनना भ्रामक हो सकता है। बाजरा या अन्य अनाज का इस्तेमाल करने से भी यदि उत्पाद को अधिक मात्रा में नमक, चीनी और वसा के साथ तैयार किया जाए तो उसके स्वास्थ्य लाभ सीमित रह जाते हैं। एयर-फ्राइंग जैसी तकनीकें भी पूर्ण रूप से स्वास्थ्यकर नहीं मानी जा सकतीं।

विशेषज्ञों का सुझाव है कि त्योहारी मेनू चुनते समय संपूर्ण पोषण मूल्य देखना चाहिए, न कि केवल प्रमुख घटकों पर ध्यान देना चाहिए। पारंपरिक और आधुनिक विकल्पों का संतुलन बनाए रखना तथा अतिरिक्त तेल और मसालों की मात्रा कम करना महत्वपूर्ण है। उपभोक्ताओं को विज्ञापन और मार्केटिंग दावों से प्रभावित होने से पहले पोषण संबंधी जानकारी स्वयं सत्यापित करनी चाहिए।