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मलप्पुरम में आठ बधिर महिलाओं ने कौशल प्रशिक्षण से रचा नया भविष्य
मलप्पुरम की आठ श्रवण-बाधित महिलाओं ने दर्जी प्रशिक्षण पूरा कर 'रंग' नामक उद्यम की स्थापना की है। यह पहल इन महिलाओं के जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त कर रही है।
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केरल के मलप्पुरम जिले में आठ श्रवण-बाधित महिलाओं ने अपनी जीवन यात्रा में एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया है। सब्ना वी.के., रम्या ए., अफीफा के., समीना एम.के., निम्मी एन., राजीना पी., सलमा वी.पी. और साजीना सी. ने आत्मनिर्भरता की ओर अपना कदम बढ़ाया है।
यह महिलाएं जन शिक्षण संस्थान के माध्यम से सहायक दर्जी पाठ्यक्रम में भाग लीं और सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। इस कौशल प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने न केवल तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया बल्कि आत्मविश्वास भी हासिल किया।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, इन महिलाओं ने 'रंग' नामक एक संयुक्त उद्यम की स्थापना की। यह उदयम उनके लिए आर्थिक आत्मनिर्भरता का साधन बन गया है। उनका यह कदम समाज के सीमांत वर्ग को सशक्त बनाने का एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
यह परियोजना न केवल इन आठ महिलाओं के व्यक्तिगत विकास का प्रतीक है, बल्कि यह दर्शाता है कि उचित प्रशिक्षण और समर्थन के माध्यम से कैसे विकलांग व्यक्ति समाज की मुख्य धारा में योगदान दे सकते हैं। उनकी सफलता अन्य श्रवण-बाधित व्यक्तियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।