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विवाह विच्छेद को अपराध न मानें: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एफआईआर को खारिज करते हुए कहा है कि विफल विवाहों को नियमित रूप से आपराधिक मामले में तब्दील नहीं किया जा सकता। अदालत ने असफल विवाहों के अपराधीकरण के खिलाफ चेतावनी दी है।

LSN India · 11 October 2026

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि हर असफल या संकटग्रस्त विवाह को आपराधिक मामले में नहीं बदला जा सकता। अदालत ने एफआईआर को खारिज करते हुए विवाह संबंधी विवादों को अनावश्यक रूप से अपराधीकृत करने की प्रवृत्ति के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है।

कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि विवाहित जीवन से संबंधित मामलों में सामान्य विवेक और समझदारी दिखाई जानी चाहिए। न्यायालय का मानना है कि विवाह संबंधी कलह को तुरंत आपराधिक प्रणाली में डाल देना सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों के लिए हानिकारक है।

इस फैसले से आशा की जा रही है कि भविष्य में विवाह विच्छेद से संबंधित मामलों में अदालतें अधिक विवेकशील दृष्टिकोण अपनाएंगी। हाईकोर्ट का यह निर्णय पुलिस और न्यायिक प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश माना जा रहा है।

विधि विशेषज्ञ इस निर्णय को पारिवारिक कानून के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं, जो विवाह विच्छेद जैसे संवेदनशील मामलों में संतुलित दृष्टिकोण सुनिश्चित करेगा।