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क्रीमी लेयर निर्धारण में सिर्फ वेतन काफी नहीं: ग्वालियर हाईकोर्ट

ग्वालियर हाईकोर्ट ने OBC क्रीमी लेयर का दर्जा तय करते समय केवल माता-पिता की आय को आधार मानने से इंकार किया है। कोर्ट ने मामले में पुनर्विचार के निर्देश दिए हैं।

LSN India · 2 October 2026

क्रीमी लेयर निर्धारण में सिर्फ वेतन काफी नहीं: ग्वालियर हाईकोर्ट

ग्वालियर हाईकोर्ट ने OBC क्रीमी लेयर की परिभाषा को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कोर्ट के अनुसार, किसी व्यक्ति को क्रीमी लेयर के दायरे में लाने के लिए सिर्फ माता-पिता की सालाना सैलरी देखना काफी नहीं है। यह मामला सिविल जज की बेटी रागिनी राठौर के OBC प्रमाणपत्र से संबंधित है।

राठौर का OBC प्रमाणपत्र आवेदन पहले खारिज कर दिया गया था। इस निर्णय का आधार उनके पिता की 16.99 लाख रुपये की सालाना आय थी। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना था कि यह आय क्रीमी लेयर की सीमा से अधिक है।

हाईकोर्ट ने इस दृष्टिकोण को चुनौती दी है और कहा है कि क्रीमी लेयर का निर्धारण व्यापक पैमानों पर किया जाना चाहिए। अदालत ने निर्देश दिया है कि संबंधित अधिकारियों को छह सप्ताह की समयावधि में इस मामले पर दोबारा विचार करना चाहिए।

यह फैसला OBC आरक्षण व्यवस्था को लेकर कानूनी बहस में नई दिशा देता है। अदालत का फैसला अन्य समान मामलों में भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है जहां केवल आय के आधार पर क्रीमी लेयर का फैसला किया गया हो।