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शैक्षणिक संस्थानों में धरना और भूख हड़ताल करने वालों को निष्कासन का खतरा: उच्च न्यायालय

उच्च न्यायालय ने शैक्षणिक संस्थानों में धरना और भूख हड़ताल करने वाले छात्रों को निष्कासित किए जाने की संभावना पर टिप्पणी की है। यह निर्णय कैंपस में प्रदर्शन के बाद छात्र संगठन के सदस्यों के निलंबन के मामले में आया है।

LSN India · 4 November 2026

शैक्षणिक संस्थानों में धरना और भूख हड़ताल करने वालों को निष्कासन का खतरा: उच्च न्यायालय

देश के एक प्रमुख उच्च न्यायालय ने कहा है कि शैक्षणिक संस्थानों के भीतर धरना देने या भूख हड़ताल करने में संलिप्त छात्र निष्कासन के अधीन हो सकते हैं। यह टिप्पणी विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शनकारी गतिविधियों से संबंधित एक मामले पर सुनवाई के दौरान की गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, छात्र संघ के संबद्ध सदस्यों को 13 अगस्त को विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन करने के बाद निलंबित किया गया था। इन छात्रों के विरुद्ध कार्रवाई संस्था के अनुशासन संबंधी नियमों के अंतर्गत की गई थी।

न्यायालय की यह टिप्पणी शैक्षणिक परिसरों में विरोध प्रदर्शन और सक्रियता को नियंत्रित करने वाली नीतियों पर विचार-विमर्श में महत्वपूर्ण है। उच्च न्यायालय ने अपने निर्देशों में माना है कि ऐसी गतिविधियां शिक्षा के माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।

यह निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्र गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई करने के लिए कानूनी समर्थन प्रदान करता है। जहां एक ओर छात्रों के मौलिक अधिकारों की रक्षा की जानी है, वहीं दूसरी ओर संस्थागत अनुशासन बनाए रखना भी आवश्यक माना गया है।