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एयरलाइंस की उड़ानें कम, ईंधन मंहगाई से जूझता विमानन उद्योग
भारतीय एयरलाइंस कंपनियां बढ़ती जेट फ्यूल की कीमतों से त्रस्त हैं। संकट से निपटने के लिए विमान परिचालकों ने सरकार से ईंधन मूल्य स्थिरीकरण कोष पुनः स्थापित करने की अपील की है।
LSN India ·

भारत के विमानन क्षेत्र में महंगे हवाई ईंधन (एटीएफ) की कीमत से गहरा संकट बढ़ गया है। इस दबाव में एयरलाइंस अपनी उड़ानों की संख्या कम करने के लिए मजबूर हो रही हैं, भले ही वे अपनी फ्लीट को बढ़ा रही हों।
स्टार एयर जैसी कंपनियां गर्मियों के सामान्य शेड्यूल की तुलना में सर्दियों के महीनों में अपनी सेवाएं में कटौती कर रही हैं। स्टार एयर ने अकेले 16 उड़ानें अपने शीतकालीन परिचालन से हटा दी हैं, जो उद्योग पर बढ़ती वित्तीय दबाव का स्पष्ट संकेत है।
इस संकट से जूझते हुए भारतीय एयरलाइंस ने सरकार से एक महत्वपूर्ण कदम उठाने की मांग की है। विमान परिचालकों ने सरकार से एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण कोष को पुनः शुरू करने की अपील की है, जो ईंधन के मूल्य उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है।
विमानन विश्लेषकों का मानना है कि यदि ईंधन की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहीं, तो भारतीय एयरलाइंस का विस्तार योजना प्रभावित हो सकता है और यात्रियों को महंगी उड़ानें भुगतनी पड़ सकती हैं।