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मासिक चक्र में प्रोजेस्टेरोन का उच्च स्तर भावनात्मक नियंत्रण को प्रभावित कर सकता है

एक नए वैज्ञानिक अध्ययन से पता चलता है कि मासिक चक्र के दौरान प्रोजेस्टेरोन के उच्च स्तर मस्तिष्क की भावनात्मक परिस्थितियों को समझने की क्षमता को कमजोर कर सकते हैं। इससे मानसिक स्वास्थ्य और मनोदशा में बदलाव आ सकते हैं।

LSN India · 3 September 2026

एक ताजा अध्ययन के अनुसार महिलाओं के मासिक चक्र के दौरान प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उच्च स्तर मस्तिष्क के भावनात्मक नियंत्रण तंत्र को प्रभावित कर सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार इस हार्मोन के बढ़ते स्तर से मस्तिष्क की विभिन्न भावनात्मक स्थितियों के बीच अंतर करने की क्षमता में कमी आती है।

यह खोज महिलाओं के मनोविज्ञान और हार्मोनल परिवर्तनों के बीच संबंध को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। अध्ययन से संकेत मिलता है कि मासिक चक्र के विभिन्न चरणों में हार्मोनल उतार-चढ़ाव सीधे भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को प्रभावित करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रोजेस्टेरोन के स्तर में वृद्धि से महिलाओं की मनोदशा और भावनात्मक प्रतिक्रिया में परिवर्तन देखा जा सकता है। यह जानकारी महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझने और उनके समाधान में मदद कर सकती है।

इस तरह के शोध महिला स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हैं और हार्मोनल परिवर्तनों के मनोवैज्ञानिक प्रभावों को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।