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न्यूजीलैंड में शाही शिकार के लिए लाए गए हिमालयी तहर अब आक्रमणकारी प्रजाति बन गए

1904 में ब्रिटिश अभिजात वर्ग द्वारा न्यूजीलैंड के दक्षिण द्वीप में पेश किए गए हिमालयी तहर आज वन्यजीव संरक्षण के लिए एक गंभीर चुनौती बन गए हैं। इन जानवरों की तेजी से बढ़ती संख्या अल्पाइन पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।

LSN India · 19 August 2026

न्यूजीलैंड में शाही शिकार के लिए लाए गए हिमालयी तहर अब आक्रमणकारी प्रजाति बन गए

न्यूजीलैंड के वन्यजीव प्रबंधन में एक दशकों पुरानी समस्या का समाधान अभी तक नहीं निकाला जा सका है। 1904 में एक ब्रिटिश ड्यूक द्वारा भेजे गए छह हिमालयी तहरों में से पांच जानवर न्यूजीलैंड पहुंचे। तब से ये जानवर तेजी से संख्या में बढ़ते चले गए और आज न्यूजीलैंड की पारिस्थितिकी के लिए एक गंभीर समस्या बन गए हैं।

शिकार खेल के लिए लाई गई इन प्रजातियों को नियंत्रित करना आज भी एक चुनौतीपूर्ण कार्य साबित हो रहा है। हिमालयी तहर दक्षिण द्वीप के पर्वतीय क्षेत्रों में तेजी से फैल गए हैं और स्थानीय वनस्पतियों को गंभीर नुकसान पहुंचा रहे हैं। इन आक्रमणकारी प्रजातियों का सीमित खाद्य संसाधनों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है।

न्यूजीलैंड की सरकार ने तहरों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए हवाई शिकार सहित कई उपाय अपनाए हैं। हालांकि, ये कदम पूरी तरह से सफल नहीं हुए हैं और समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं मिल सका है।

वन्यजीव संरक्षणकर्ता और शिकार समुदाय दोनों ही तहरों के प्रबंधन को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण रखते हैं। न्यूजीलैंड का वन्यजीव प्रबंधन रणनीति इस चुनौतीपूर्ण समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।