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भारत में हिंदी माध्यम से MBBS शिक्षा क्यों नहीं हो पा रही सफल

चीन और जापान जहां अपनी भाषा में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत आधार पर विकसित करते रहे हैं, भारत में हिंदी माध्यम की पहल अभी तक अपेक्षित सफलता नहीं पा सकी है। विशेषज्ञों के अनुसार शुद्ध अनुवाद पर निर्भरता की बजाय विषय की गहन समझ मातृभाषा में ही विकसित करने की आवश्यकता है।

LSN India · 19 September 2026

भारत में हिंदी माध्यम से MBBS शिक्षा क्यों नहीं हो पा रही सफल

भारत में चिकित्सा शिक्षा को हिंदी माध्यम से प्रदान करने की पहल को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल अंग्रेजी पाठ्यक्रम का हिंदी अनुवाद प्रदान करना समस्या का समाधान नहीं है।

एशिया के अन्य देशों का उदाहरण इस संदर्भ में महत्वपूर्ण है। चीन और जापान ने अपनी राष्ट्रीय भाषाओं में चिकित्सा शिक्षा को विकसित करते समय केवल अनुवाद का सहारा नहीं लिया। इन देशों ने विषय की गहन समझ को ही अपनी भाषा में निर्मित किया, जिससे छात्रों को सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों ही स्तरों पर स्पष्टता मिली।

भारत में मौजूदा प्रणाली में अनुवाद पर अत्यधिक निर्भरता एक बड़ी बाधा बन रही है। चिकित्सा शिक्षा की जटिल अवधारणाओं को सीधे हिंदी में समझाने के लिए न तो पर्याप्त शिक्षण सामग्री विकसित की गई है और न ही शिक्षकों को इसके लिए उचित प्रशिक्षण दिया गया है।

शिक्षाविदों का सुझाव है कि हिंदी माध्यम में MBBS को सफल बनाने के लिए दीर्घकालीन रणनीति अपनानी होगी। इसमें पाठ्यक्रम का पुनर्निर्माण, शिक्षकों का विकास और मौलिक शिक्षण सामग्री का निर्माण शामिल होना चाहिए। केवल अनुवाद के रास्ते पर चलकर यह लक्ष्य प्राप्त करना संभव नहीं दिखता।