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इस दुर्गा पूजा में राष्ट्रीय विचारधारा का प्रभाव बढ़ा हुआ है

देश भर में दुर्गा पूजा के पंडालों में इस बार श्यामा प्रसाद मुखर्जी, वंदे मातरम और भगवान राम जैसे विषय प्रमुखता से दिख रहे हैं। पारंपरिक धार्मिक उत्सव में राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पहचान के विषयों का एक नया आयाम जुड़ गया है।

LSN India · 17 October 2026

इस दुर्गा पूजा में राष्ट्रीय विचारधारा का प्रभाव बढ़ा हुआ है

इस वर्ष के दुर्गा पूजा समारोहों में राष्ट्रवादी विचारधारा और सांस्कृतिक प्रतीकों का उल्लेखनीय प्रभाव दिखाई दे रहा है। भारतीय जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी, राष्ट्रगीत वंदे मातरम और भगवान राम से संबंधित विषय पूजा पंडालों के केंद्रीय थीम बन गए हैं। ये विषय पारंपरिक देवी पूजा के साथ-साथ राष्ट्रीय पहचान और सांस्कृतिक मूल्यों पर जोर देते हैं।

देश के विभिन्न हिस्सों में पंडाल निर्माताओं ने इस बार अपनी कलात्मक प्रस्तुतियों में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और राष्ट्रीय प्रतीकों को प्रमुखता दी है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन और कार्य कई पंडालों में विस्तार से दर्शाया जा रहा है, जो उनके राष्ट्रीय योगदान को रेखांकित करता है। वंदे मातरम और भगवान राम के विषयों को भी कलात्मक दृष्टिकोण से नई व्याख्या दी जा रही है।

इस प्रवृत्ति से स्पष्ट है कि समकालीन भारतीय समाज में धार्मिक परंपराओं और राष्ट्रीय चेतना का संयोजन देखने को मिल रहा है। पूजा के आयोजकों का मानना है कि देवी दुर्गा की शक्ति और राष्ट्रीय गौरव को एक साथ प्रस्तुत करने से समाज में सांस्कृतिक सचेतनता बढ़ती है। इस वर्ष के पंडालों में परंपरा और समसामयिक विचारों का एक अनूठा मिश्रण दिखने को मिल रहा है।