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बंगाल में दुर्गा पूजा: शाकाहारिता को लेकर धार्मिक नेता का आह्वान

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार को लेकर विवाद उठ खड़ा हुआ है। एक प्रभावशाली धार्मिक नेता ने हिंदुओं से पंडाल के पास मांस बेचने न करने की अपील की है, जबकि यह परंपरा बंगाल में सदियों से चली आ रही है।

LSN India · 8 September 2026

बंगाल में दुर्गा पूजा: शाकाहारिता को लेकर धार्मिक नेता का आह्वान

पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के मौसम में एक नई बहस छिड़ गई है जब स्वयंभू धार्मिक गुरु धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने राज्य के हिंदुओं से पूजा पंडालों के निकट मांस बिक्री न करने का आह्वान किया है। शास्त्री का यह प्रस्ताव भारतीय जनता पार्टी के शासन में आए परिवर्तनों की पृष्ठभूमि में आया है।

यह आह्वान पश्चिम बंगाल की एक गहरी जड़ों वाली परंपरा के विरुद्ध है। दशकों से बंगाली हिंदू समाज में दुर्गा पूजा के दौरान मांस का सेवन और पकवान तैयार करना उत्सव का अभिन्न अंग रहा है। पारंपरिक रूप से, इस अवधि में घरों और सामुदायिक भोजन में मांस आधारित व्यंजनों का विशेष महत्व है।

शास्त्री का यह कदम सांस्कृतिक परंपरा और आधुनिक धार्मिक व्याख्याओं के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाता है। बंगाल में दुर्गा पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है, जहां खाद्य परंपराएं उत्सव के केंद्रीय तत्व हैं।

यह विवाद राज्य में धार्मिक नीतियों और परंपरागत प्रथाओं के बीच चल रही बहस को नया आयाम देता है। आने वाले समय में देखा जाएगा कि स्थानीय समुदाय इस आह्वान पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं और क्या बंगाल की प्राचीन परंपराएं कायम रहती हैं।