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कलयुग के अंत की भविष्यवाणियां: धर्म ग्रंथों में वर्णित भविष्य
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार कलयुग के अंतिम चरण में मानवता का आचरण गिरावट की ओर होगा और आयु में भी कमी आएगी। इस काल में भगवान विष्णु के कल्कि अवतार के बारे में क्या कहा गया है, जानिए।
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हिंदू धर्मशास्त्रों और पुराणों में वर्णित मान्यताओं के अनुसार कलयुग के समापन काल में मानव समाज का नैतिक स्तर गंभीर रूप से गिरावट का सामना करेगा। इस अवधि में मनुष्यों की औसत आयु में उल्लेखनीय कमी आएगी और लोगों की जीवन अवधि केवल 20 वर्ष तक सीमित रह जाएगी।
धार्मिक ग्रंथों के विवरण के अनुसार, कलयुग के अंतिम चरण में सामाजिक व्यवस्था का विघटन होगा और धर्मनीति लगभग समाप्त हो जाएगी। इस काल को घोर अधर्म और नैतिक पतन का युग माना जाता है जहां सदाचार और न्याय की अवधारणा समाज से विलुप्त हो जाएगी।
पौराणिक परंपरा के अनुसार ऐसे ही घोर अधर्म के काल में भगवान विष्णु का अंतिम अवतार 'कल्कि अवतार' प्रकट होगा। इस अवतार का उद्देश्य विनाश की प्रक्रिया को पूर्ण करना और एक नए सतयुग की स्थापना करना माना जाता है।
विभिन्न पुराणों में कल्कि अवतार के विषय में विस्तृत वर्णन मिलता है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार, यह अवतार अंत के समय अधर्मियों का नाश करके धर्म की पुनः स्थापना करेगा और नई सृष्टि का आरंभ करेगा।