LSN News › India

World · India Bureau

नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी को समर्पित पूजा विधि

नवरात्र पर्व के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की परंपरा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन की गई पूजा से भक्तों को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है।

LSN India · 11 October 2026

नवरात्र के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी को समर्पित पूजा विधि

नवरात्र के नौ दिनों में प्रत्येक दिन देवी शक्ति के एक अलग रूप की पूजा की जाती है। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित किया जाता है, जिन्हें तपस्या और ज्ञान की देवी माना जाता है। धार्मिक ग्रंथों में इनके बारे में विस्तृत वर्णन मिलता है।

देवी ब्रह्मचारिणी का जन्म पर्वतराज हिमालय और देवी मैना के घर में हुआ था। हिमालय की पुत्री होने के कारण उन्हें पार्वती भी कहा जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार मां ब्रह्मचारिणी ने देवताओं और मानव जाति की रक्षा के लिए कठोर तपस्या की थी।

पूजा विधि के अनुसार भक्तों को सुबह स्नान के बाद घर के पूजन स्थल को पवित्र करना चाहिए। मां ब्रह्मचारिणी को फूल, धूप और दीप से पूजा जाता है। भक्त प्रार्थना करते हैं कि मां उन्हें सदमार्ग पर चलने की शक्ति प्रदान करें।

हिंदू परंपरा में विश्वास है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से भक्तों को मानसिक शांति, ज्ञान और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है। इस दिन की गई भक्ति और समर्पण को विशेष महत्व दिया जाता है।