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हिंदुस्तान कॉपर के प्रमुख ने कहा, खर्च पर नियंत्रण ही मुख्य लक्ष्य
हिंदुस्तान कॉपर के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने कहा कि वैश्विक मांग और आपूर्ति के बीच का अंतर तांबे की कीमतों को 14,000 डॉलर प्रति टन के स्तर पर बनाए रख सकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बेंचमार्क मूल्य नहीं, बल्कि लागत अनुशासन ही कंपनी की प्राथमिकता है।
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हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के शीर्ष प्रबंधन ने कहा है कि कंपनी वर्तमान में वैश्विक तांबे की कीमतों के बेंचमार्क से अधिक प्रभावित नहीं है। इसके बजाय, संगठन आंतरिक खर्च नियंत्रण को लेकर अधिक केंद्रित है। अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक के अनुसार, यह रणनीति कंपनी को बाजार के उतार-चढ़ाव से बेहतर तरीके से निपटने में मदद करती है।
वैश्विक तांबे के बाजार में वर्तमान गतिविधियों का विश्लेषण करते हुए, हिंदुस्तान कॉपर के नेतृत्व ने संकेत दिया है कि दुनिया भर में तांबे की मांग और आपूर्ति के बीच जो अंतर है, वह कीमतों को आने वाले समय में 14,000 डॉलर प्रति टन या उससे अधिक स्तर पर बनाए रख सकता है। इस स्थिति को भारतीय तांबा उद्योग के लिए अनुकूल माना जा रहा है।
हिंदुस्तान कॉपर की इस नीति का महत्व इसलिए भी बढ़ता है क्योंकि यह दीर्घकालिक टिकाऊपन पर ध्यान केंद्रित करती है। कंपनी की दक्षता में सुधार और परिचालन लागतों में कमी, मुनाफे को बेहतर बनाने के लिए अधिक महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। इस तरह की रणनीति कंपनी को आने वाले वर्षों में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान कर सकती है।