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सूखे के बीच सवा नदी से उभरा 177 फीट का ऐतिहासिक भाप जहाज
1913 में निर्मित एक ऐतिहासिक स्टीम टग जहाज दशकों बाद बाल्कन क्षेत्र की सवा नदी से फिर से सामने आया है। यह जहाज द्वितीय विश्व युद्ध के समय डूबा था और अब यूरोप के गंभीर जल संकट को उजागर कर रहा है।
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बाल्कन क्षेत्र में गंभीर सूखे के कारण सवा नदी का जलस्तर काफी गिर गया है, जिससे एक ऐतिहासिक भाप संचालित जहाज पानी से बाहर आ गया है। यह 177 फीट लंबा स्टीम टग 1913 में निर्मित था और दोनों विश्व युद्धों के दौरान अपने संचालन के लिए जाना जाता है। स्थानीय निवासी इसे "सवा की टाइटेनिक" कहकर पुकार रहे हैं और इस दुर्लभ ऐतिहासिक दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में इकट्ठा हो रहे हैं।
यह जहाज 1945 में एक खदान के साथ टकराने के कारण डूब गया था, जो बाल्कन क्षेत्र के जटिल और संघर्षपूर्ण इतिहास की याद दिलाता है। उसके बाद से यह नदी के तल में पड़ा रहा, लेकिन वर्तमान सूखे ने इसे फिर से दृश्यमान कर दिया है। इस जहाज का पुनः सामने आना स्थानीय समुदाय के लिए अतीत से जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण क्षण है।
इस घटना ने यूरोप की प्रमुख नदियों में आ रहे गंभीर जल संकट पर प्रकाश डाला है। सवा नदी और अन्य महत्वपूर्ण जलमार्ग असामान्य सूखे का सामना कर रहे हैं, जिससे न केवल ऐतिहासिक वस्तुएं सामने आ रही हैं, बल्कि क्षेत्र की जल आपूर्ति और कृषि पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जलवायु परिवर्तन और वर्षा में कमी इस संकट के मुख्य कारण हैं।