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125 साल बाद बकहॉर्न क्रीक बहने लगी स्वतंत्र, पर्यावरण संरक्षण को मिली गति
बकहॉर्न क्रीक पर बने बांध को हटाने के बाद नदी अब 125 वर्षों के बाद अपने प्राकृतिक प्रवाह में बह रही है। इस पुनर्स्थापन परियोजना से जलीय पारिस्थितिकी तंत्र को नया जीवन मिल गया है।
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एक सदी से अधिक समय तक रुकी हुई बकहॉर्न क्रीक अब फिर से अपने मूल मार्ग में बहने लगी है। इस पुनर्स्थापन परियोजना के तहत क्रीक पर बने पुराने बांध को पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे जलप्रवाह बाधित नहीं होता। यह महत्वपूर्ण कदम इस क्षेत्र की पारिस्थितिकी के लिए एक नया अध्याय शुरू करता है।
परियोजना के अंतर्गत क्रीक को पार करने के लिए एक आधुनिक नब्बे फुट लंबा पुल का निर्माण किया गया है। यह पुल ट्रेकिंग और जंगल सैर के शौकीनों के लिए रास्ता आसान बनाता है, साथ ही प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखता है।
इस पुनर्स्थापन से क्रीक की जलीय आवास व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विशेषकर ब्रुक ट्राउट की आबादी को इससे काफी लाभ मिल रहा है। ये मछलियां स्वच्छ बहते पानी में पनपती हैं और इसी कारण क्रीक का मुक्त प्रवाह उनके संरक्षण के लिए आवश्यक था।
पारिस्थितिकी पुनर्स्थापन का अगला चरण क्रीक के किनारों पर मूल पौधों को रोपण करना है। स्वयंसेवकों की एक टीम पास के इलाकों में देशी पौधों को लगाएगी जो मिट्टी को स्थिर रखने और बैंकों को सुदृढ़ करने में मदद देंगे। यह प्रयास न केवल वनस्पति बल्कि पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाएगा।