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150 साल पुरानी पेरी हवेली ने दूसरी मंजिल खोली दान संग्रह के लिए
1876 में निर्मित पेरी हवेली ने अपनी 150वीं वर्षगांठ मनाई और दशकों के बाद पहली बार आगंतुकों को अपनी दूसरी मंजिल देखने का दुर्लभ अवसर दिया। इस विशेष आयोजन से प्राप्त राशि ऐतिहासिक संरचना के संरक्षण कार्यों में लगाई जाएगी।
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विक्टोरियन युग की भव्य वास्तुकला को प्रदर्शित करने वाली पेरी हवेली ने इस महीने एक महत्वपूर्ण दान संग्रह कार्यक्रम का आयोजन किया। यह ऐतिहासिक भवन 1876 में निर्मित हुआ था और इस वर्ष इसकी डेढ़ सौ वर्षीय जयंती मनाई जा रही है।
इस अवसर पर आयोजकों ने हवेली की दूसरी मंजिल को जनता के लिए खोल दिया, जो पिछले कई दशकों से बंद थी। पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को इस दुर्लभ मौके का भरपूर लाभ मिला, जहां वे विस्तृत नक्काशी और ऐतिहासिक कारीगरी को करीब से देख सकें।
1975 में इस संरचना को स्थानांतरित किया गया था, जिसके बाद से इसका संरक्षण एक चल रहा काम बना हुआ है। भवन की आंतरिक सज्जा और वास्तुकलात्मक विशेषताएं विक्टोरियन काल की समृद्ध परंपराओं को प्रतिबिंबित करती हैं।
इस आयोजन से प्राप्त सभी राशि हवेली के सतत संरक्षण और मरम्मत परियोजनाओं के लिए समर्पित की जाएगी। संरक्षण विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे प्रयास ऐतिहासिक संरचनाओं को आने वाली पीढ़ियों के लिए बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।