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नाजी उत्पीड़न से बचे यहूदी शरणार्थियों का ऐतिहासिक महल फिर खुला

पैसिफिक पैलिसेडेस में स्थित विला ऑरोरा को 1943 में जर्मन यहूदी लेखक लियॉन फ्यूचटवांगर और उनकी पत्नी मार्ता ने खरीदा था। जनवरी 2025 की आग के बाद मरम्मत पूरी कर यह ऐतिहासिक मकान पुनः जनता के लिए खुल गया है।

LSN India · 1 September 2026

नाजी उत्पीड़न से बचे यहूदी शरणार्थियों का ऐतिहासिक महल फिर खुला

पैसिफिक पैलिसेडेस में अवस्थित विला ऑरोरा, एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक भवन है जो कला और बुद्धिजीविता का केंद्र रहा है। जनवरी 2025 में आई भीषण आग के बाद इसे बहाल किया गया और अब यह पर्यटकों और कला प्रेमियों के लिए फिर से द्वार खोल चुका है।

इस महल का इतिहास 1943 से शुरू होता है जब जर्मन यहूदी लेखक लियॉन फ्यूचटवांगर और उनकी पत्नी मार्ता ने नाजी जर्मनी में उत्पीड़न से बचकर अमेरिका में शरण ली। इस दंपति ने मात्र 9,000 डॉलर में इस खूबसूरत महल को खरीदा था, जो उस समय एक साधारण मूल्य माना जाता था।

लियॉन फ्यूचटवांगर, जिनकी साहित्यिक कृतियां विश्वव्यापी प्रसिद्ध हैं, ने विला ऑरोरा को कलाकारों, लेखकों और बुद्धिजीवियों का एक प्रमुख मिलन स्थल बना दिया। यह मकान अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के निवास कार्यक्रम का आधार बन गया और यहां विविध सांस्कृतिक गतिविधियां संपन्न होने लगीं।

दशकों तक यह भवन कला और संस्कृति का प्रतीक रहा है। जनवरी 2025 में आई भीषण पैलिसेडेस आग ने इसे नुकसान पहुंचाया था, परंतु व्यापक मरम्मत कार्य के बाद विला ऑरोरा को उसके प्राचीन वैभव के साथ पुनः स्थापित किया गया है। इसके पुनः खुलने से इस ऐतिहासिक स्थान की विरासत को संरक्षित रखने के प्रयास को स्वीकृति मिली है।