World · India Bureau
विमानन अग्रदूत का दान: 1954 में प्रवासी पक्षियों के लिए अभयारण्य की स्थापना
विमानन उद्योग के अग्रणी ग्लेन एल. मार्टिन द्वारा दान किए गए 2,500 एकड़ से अधिक भूमि ने एक महत्वपूर्ण वन्यजीव अभयारण्य का आधार तैयार किया। यह अभयारण्य आज प्रवासी पक्षियों और अन्य जीवों के लिए एक महत्वपूर्ण संरक्षण केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है।
LSN India ·

1954 में स्थापित यह वन्यजीव अभयारण्य पहले एक निजी शिकार संरक्षित क्षेत्र था, जिसे बाद में जैव विविधता संरक्षण के लिए समर्पित किया गया। ग्लेन एल. मार्टिन का उदार दान इस क्षेत्र को प्रकृति प्रेमियों और संरक्षणवादियों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र में रूपांतरित करने में सहायक साबित हुआ।
अभयारण्य ज्वारीय दलदल और वृक्षों से घिरी पहाड़ियों को संरक्षित रखता है, जो प्रवासी पक्षियों के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव प्रदान करते हैं। इस क्षेत्र में मौसमी जलपक्षी आश्रय लेते हैं और कई पक्षी प्रजातियां यहां घोंसले बनाती हैं। अभयारण्य की स्थापना के बाद से इसका क्षेत्र काफी विस्तार हुआ है।
यह संरक्षित क्षेत्र केवल पक्षियों के लिए ही नहीं, बल्कि स्तनधारी, सरीसृप और समुद्री जीवों के लिए भी एक आश्रय स्थल के रूप में कार्य करता है। अभयारण्य खाड़ी की प्राकृतिक परिदृश्य को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह जैव विविधता संरक्षण के प्रति निजी योगदान का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।