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भारतीय न्याय संहिता का हिट-एंड-रन नियम अभी लागू नहीं हुआ
भारतीय न्याय संहिता लागू होने के दो साल बाद भी इसका हिट-एंड-रन खंड अभी तक कार्यान्वित नहीं हुआ है। कानूनी विशेषज्ञ सड़क दुर्घटना के मामलों में गलत अभियोग और न्याय में देरी का खतरा बता रहे हैं।
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भारतीय न्याय संहिता के लागू होने के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी इसका हिट-एंड-रन संबंधी प्रावधान अभी तक प्रभावी नहीं हुआ है, जिससे कानून प्रवर्तन में गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है। नई संहिता में इस महत्वपूर्ण खंड को शामिल किया गया था, लेकिन इसके कार्यान्वयन में लगातार विलंब हो रहा है।
इस अनिर्णय की स्थिति में पुलिस विभाग हिट-एंड-रन की घटनाओं के लिए भारतीय दंड संहिता के पुराने प्रावधानों का उपयोग कर रहा है। इससे मामलों में अलग-अलग किस्म के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे कानूनी प्रक्रिया में असंगति देखी जा रही है।
वकीलों का मानना है कि हिट-एंड-रन संबंधी नियम के अभाव में अपराधियों के विरुद्ध सही आरोप नहीं लगाए जा पा रहे हैं और न्याय प्रक्रिया में अनावश्यक देरी हो रही है। उनके अनुसार, यह कानूनी रिक्तता पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए सुस्पष्ट न्याय प्राप्ति में बाधा बन रही है।
कानूनी विशेषज्ञों का तर्क है कि भारतीय न्याय संहिता का यह विशिष्ट खंड सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक है। इसके बिना, सड़क दुर्घटनाओं के अपराधियों को उचित दंड नहीं मिल पाता और न्यायिक जवाबदेही प्रभावित होती है।