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संक्रमण में कमी के बावजूद एचआईवी जागरूकता जारी रखना जरूरी: डीसी
जिला प्रशासन ने कहा है कि एचआईवी संक्रमण के मामलों में आई गिरावट के बाद भी जनता में बीमारी के प्रति जागरूकता का प्रचार-प्रसार रोका नहीं जा सकता। डीसी का मानना है कि निरंतर शिक्षा और सतर्कता ही इस महामारी पर नियंत्रण का मुख्य उपाय है।
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जिला प्रशासन के अधिकारियों का मानना है कि एचआईवी/एड्स से संबंधित सार्वजनिक जागरूकता कार्यक्रमों को तब तक जारी रखना चाहिए जब तक यह समस्या पूरी तरह खत्म न हो जाए। हालांकि हाल के वर्षों में संक्रमण के मामलों में उल्लेखनीय कमी देखी गई है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि रोकथाम के प्रयास कम किए जाएं।
प्रशासन का तर्क है कि एचआईवी से संबंधित भ्रांतियां और सामाजिक कलंक अभी भी समाज में व्याप्त हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को शिक्षा, रोकथाम और परीक्षण सुविधाओं को मजबूत करना चाहिए। पिछले वर्षों में लोगों में जागरूकता बढ़ने और चिकित्सा सेवाओं में सुधार के कारण ही संक्रमण दर में गिरावट संभव हुई है।
डीसी ने स्वास्थ्य कर्मियों, गैर-सरकारी संगठनों और समुदाय के नेताओं से एचआईवी से संबंधित जागरूकता अभियानों को सक्रिय रखने का आह्वान किया है। इसके अलावा, संक्रमित व्यक्तियों को उचित उपचार और सामाजिक समर्थन प्रदान करने पर भी ध्यान देना होगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, निरंतर जागरूकता के कारण ही युवा पीढ़ी में एचआईवी के बारे में समझ बढ़ी है और संक्रमण के मामलों में कमी आई है। सार्वजनिक स्वास्थ्य के मामले में यह एक सफल उदाहरण माना जा रहा है, जिसे आगे भी जारी रखने की आवश्यकता है।