World · India Bureau
करवाचौथ से पहले घर पर बनाएं पारंपरिक इमरती, जानिए आसान तरीका
उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों में करवाचौथ की पूर्व संध्या पर इमरती खाने की परंपरा है। देसी घी से तैयार यह मिठाई सुहागिनों को अगले दिन के निर्जला व्रत के लिए आवश्यक ऊर्जा प्रदान करती है।
LSN India ·

करवाचौथ का त्योहार विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन सुहागिनें अपने पति की लंबी उम्र और कुशलक्षेम के लिए पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं। परंतु इस कठोर व्रत से पहले शारीरिक ऊर्जा जमा करने के लिए भारतीय परंपरा में कई विशेष खाद्य पदार्थों का प्रावधान है।
इमरती इसी परंपरा का एक महत्वपूर्ण अंग है। उत्तर भारत के कई क्षेत्रों में करवाचौथ की रात को इमरती खाने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। यह मीठी व्यंजन न केवल स्वादिष्ट होती है बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है जो व्रत के दौरान शक्ति प्रदान करती है।
घर पर शुद्ध और स्वास्थ्यकर इमरती तैयार करने के लिए देसी घी का उपयोग करना सर्वोत्तम माना जाता है। मैदा, दही और चीनी जैसी सामग्रियों से तैयार यह मिठाई कुरकुरे और नरम दोनों प्रकार की हो सकती है। बाजार से खरीदी गई मिठाइयों की तुलना में घर में बनी इमरती अधिक पौष्टिक और विश्वसनीय होती है।
व्रत के पारंपरिक खान-पान को जारी रखते हुए घरेलू स्तर पर इमरती जैसी पारंपरिक मिठाइयां बनाना न केवल परिवार की परंपरा को सजीव रखता है बल्कि आधुनिक समय में खान-पान की शुद्धता को भी सुनिश्चित करता है।