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दरवाजों पर पेंट से पहले दीमक का उपचार अनिवार्य
त्योहारों में घरों को सजाने के लिए दरवाजों और खिड़कियों पर नया पेंट कराया जाता है, लेकिन लकड़ी में दीमक लगी हो तो पेंट से समस्या का समाधान नहीं होता। विशेषज्ञों का सुझाव है कि नए रंग-रोगन से पहले दीमक की जांच और उपचार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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घरों की सफाई और सजावट का सीजन शुरू हो गया है। इसी क्रम में अधिकांश परिवार अपने दरवाजों और खिड़कियों को ताजा पेंट से सजवाते हैं। हालांकि, इस कार्य को करते समय एक महत्वपूर्ण बात पर ध्यान देना जरूरी है।
लकड़ी में दीमक का संक्रमण एक आम समस्या है जो समय के साथ गंभीर हो सकती है। यदि दरवाजे या खिड़कियों में पहले से ही दीमक लगी हो तो केवल पेंट कराने से इस समस्या का निवारण नहीं होता। दीमक लकड़ी के अंदरूनी हिस्से को खोखला कर देता है, जिससे लकड़ी की संरचना कमजोर हो जाती है और वह धीरे-धीरे बर्बाद हो जाती है।
इसलिए पेंट कराने से पहले लकड़ी की सावधानीपूर्वक जांच करना और दीमक के संक्रमण को रोकने के लिए उपयुक्त उपचार कराना अत्यावश्यक है। विशेषज्ञ सुझाते हैं कि पहले दीमकनाशक रसायनों का प्रयोग करके लकड़ी का उपचार किया जाए, उसके बाद ही रंग-रोगन करवाया जाए।
इस तरह का सही क्रम अपनाने से न केवल दरवाजे और खिड़कियां लंबे समय तक टिकी रहती हैं, बल्कि घर की संरचनात्मक मजबूती भी सुनिश्चित होती है। त्योहारों में घर को सजाते समय इस बिंदु को नजरअंदाज करना भविष्य में महंगे मरम्मत का कारण बन सकता है।