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आवास महंगाई में तेजी: चार साल में घर की कीमतें 59% बढ़ीं
2021 से 2025 के बीच आवासीय संपत्तियों के मूल्य में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि निर्माण लागत में मुकाबले में कम बढ़ोतरी हुई है। इस असमानता से आवास क्षेत्र में मजबूत मूल्य वृद्धि की प्रवृत्ति सामने आई है।
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पिछले चार वर्षों में देश के आवास बाजार में तेजी से मूल्य वृद्धि देखी गई है। 2021 से 2025 के बीच आवासीय पूंजीगत मूल्य में 59 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो निर्माण খर्च की तुलना में काफी अधिक है।
इसी अवधि में निर्माण लागत में मात्र 34 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, संपत्ति के मूल्य और निर्माण लागत के बीच यह बड़ा अंतराल बाजार की मजबूत मांग और सीमित आपूर्ति को दर्शाता है। शहरी इलाकों में जमीन की दुर्लभता और विनिवेश की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण भी कीमतों में तेजी आई है।
आवास मूल्य में यह तीव्र वृद्धि मध्यम वर्गीय क्रेताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है। बैंक ऋण की बढ़ती दरें और महंगाई ने पहले ही आवास क्षेत्र को प्रभावित किया है। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में इस प्रवृत्ति पर नजदीकी निगरानी की आवश्यकता होगी।
आवास क्षेत्र में यह विषमता सरकार की नीतियों और शहरी विकास योजनाओं को लेकर सवाल उठाती है। प्रमुख शहरों में किफायती आवास की कमी एक गंभीर मुद्दा बना हुआ है, जिससे आम आदमी के लिए अपना घर खरीदना और भी कठिन हो गया है।