Politics · India Bureau
यमन संकट गहराया, हूती हमलों से लाल सागर में तेल आपूर्ति को खतरा
यमन में रविवार को संघर्ष तीव्र हुआ जब सरकारी बलों ने ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों पर हमले किए और हूतियों ने सऊदी अरब की ओर गोलाबारी की। इस संघर्ष से वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है।
LSN India ·

यमन में शुरुआत हुई सांप्रदायिक संघर्ष गंभीर रूप धारण कर रहा है। सरकारी सेनाओं ने लाल सागर क्षेत्र में ईरान समर्थक हूती विद्रोहियों के विरुद्ध आक्रमण शुरू किए हैं, जबकि हूती गुट पड़ोसी सऊदी अरब पर गोलाबारी जारी रखे हुए हैं। यमन की सरकार लाल सागर तट पर अतिरिक्त सैन्य बल भेजने का वचन दे रही है।
हाल ही में हूतियों ने बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य के पास स्थित मोखा बंदरगाह और एक द्वीप पर कब्जा कर लिया है। यमनी अधिकारियों ने इसे एक "दर्दनाक" पराजय माना है। बाब अल-मंडब जलडमरूमध्य हर्मुज़ जलडमरूमध्य का एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक शिपिंग मार्ग है।
हूतियों द्वारा सऊदी तेल ढांचे और लाल सागर में शिपिंग पर किए जा रहे हमले वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ा रहे हैं। इससे ईरान को अमेरिका के साथ अपने संघर्ष में रणनीतिक लाभ मिल सकता है।
संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के अनुसार, सितंबर के शुरुआत से यमन के इस संघर्ष में 80,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मध्य रात में मोर्टार के गोले पास में गिरे जब वे अपने घरों से भाग रहे थे। यमन के इस गहराते संकट से एक और गृहयुद्ध का खतरा मंडरा रहा है।