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1905 में बोहेमियन राजकुमार ने छोड़े पांच मस्करैट, आज लाखों में बढ़ गए
एक सदी पहले यूरोप में शुरू हुई एक जैविक घटना आज एक बड़ी पारिस्थितिक समस्या बन गई है। बोहेमिया के एक राजकुमार द्वारा मुक्त किए गए पांच कृंतकों की प्रजाति अब लाखों की संख्या में पहुंच गई है।
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20वीं सदी की शुरुआत में जब जैविक विविधता को लेकर जागरूकता न के बराबर थी, तब बोहेमिया के एक राजकुमार ने एक ऐसा कदम उठाया जिसके दीर्घकालीन परिणाम विनाशकारी साबित हुए। 1905 में उन्होंने महज पांच मस्करैट को प्रकृति में छोड़ा था। ये छोटे जलीय कृंतक तेजी से प्रजनन के लिए जाने जाते हैं।
इन पांच जानवरों से शुरू होकर मस्करैट की जनसंख्या अविश्वसनीय दर से बढ़ी। आज लगभग डेढ़ सदी बाद, ये प्रजाति मिलियनों की संख्या में फैल चुकी है और यूरोपीय पारिस्थितिकी तंत्र में एक गंभीर आक्रामक प्रजाति के रूप में स्थापित हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मस्करैट की आबादी में यह विस्फोटक वृद्धि पर्यावरण के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।
ये कृंतक पानी के पौधों को खाते हैं और नहरों तथा बांधों में व्यापक नुकसान पहुंचाते हैं। इनके बिलों से बांधों में छिद्र हो जाते हैं, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ता है। कृषि और जल प्रबंधन प्रणालियों को इन प्रजातियों को नियंत्रित करने के लिए भारी संसाधन खर्च करने पड़ते हैं।
इस घटना को पारिस्थितिकीविदों ने आक्रामक प्रजातियों के परिचय के खतरों का एक क्लासिक उदाहरण माना है। यह मामला दर्शाता है कि कैसे मानवीय हस्तक्षेप और जैविक विविधता के बारे में अज्ञानता कितनी बड़ी समस्याएं खड़ी कर सकता है।